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सुप्रीम कोर्ट ने नीट मामले में CBI जांच के अनुरोध वाली याचिका पर केंद्र और NTA से जवाब मांगा

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने नीट-यूजी, 2024 में कथित अनियमितताओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच के अनुरोध वाली याचिका पर शुक्रवार को केंद्र एवं राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) से जवाब मांगा. ‘

नीट-यूजी को लेकर चल रहे विवाद के बीच एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की अवकाशकालीन पीठ ने सीबीआई और बिहार सरकार से भी दो सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा. पीठ हितेन सिंह कश्यप द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी.

पीठ ने कहा कि अन्य लंबित याचिकाओं के साथ ही इस जनहित याचिका पर आठ जुलाई को सुनवाई की जाएगी, जब सर्वोच्च अदालत गर्मी की छुट्टियों के बाद बैठेगी.

पीठ संक्षिप्त सुनवाई के दौरान उस समय अप्रसन्न हो गई जब एक वकील ने सीबीआई जांच के लिए अपने मामले को मजबूत बनाने के लिए राजस्थान के कोटा में छात्रों द्वारा आत्महत्या किए जाने का जिक्र किया. न्यायमूर्ति नाथ ने कहा, ‘यहां अनावश्यक भावनात्मक दलीलें नहीं दें.’

सीबीआई जांच का आदेश देने के लिए पेश दलीलों पर पीठ ने कहा कि कोई आदेश पारित करने से पहले एनटीए का जवाब आवश्यक है. वकील ने कहा, ‘यह 24 लाख छात्रों के भविष्य से जुड़ा मामला है.’ इस पर पीठ ने कहा, ‘हम समझते हैं. हम इन सबके प्रति सजग हैं.’

केंद्र और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने एक दिन पहले उच्चतम न्यायालय को बताया था कि एमबीबीएस और ऐसे अन्य पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए परीक्षा देने वाले 1,563 उम्मीदवारों को दिए गए कृपांक (ग्रेस मार्क्स) रद्द कर दिए गए हैं.

केंद्र ने कहा था कि उनके पास या तो दोबारा परीक्षा देने या कृपांक को छोड़ने का विकल्प होगा. यह परीक्षा पांच मई को 4,750 केंद्रों पर हुई थी और इसमें लगभग 24 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे. परिणाम 14 जून को घोषित किए जाने की उम्मीद थी, लेकिन उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पहले पूरा हो जाने के कारण 4 जून को नतीजे घोषित कर दिए गए.

Best Alternatives of Free Fire Max: फ्री फायर मैक्स बैन हो गया तो कौनसा गेम खेलेंगे आप? यहां देखें पूरी लिस्ट

आजकल भारत समेत पूरी दुनिया में बैटल गेम्स का काफी बोलबोला चल रहा है. बैटल गेम्स को गेमर्स काफी पसंद करते हैं. बैटल गेम को भारत समेत पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा खेला जाने लगा है. इन खेलों की रोमांचकता और चुनौतीपूर्ण प्रकृतियों ने इन्हें भारत में अत्यधिक लोकप्रिय बना दिया है। आइए हम आपको इस आर्टिकल में भारत के पांच सबसे लोकप्रिय बैटल गेम्स के बारे में बताते हैं.

Free Fire Max 

फ्री फायर मैक्स एक एडवांस ग्राफिक्स वाला गेम है, जो खिलाड़ियों को एक यूनिक बैटल रॉयल गेम का एक्सपीरियंस प्रदान करता है. इस गेम में बहुत सारे मैप मौजूद हैं और किसी एक मैप पर एक साथ 50 खिलाड़ी मैप पर उतरते हैं और एक-दूसरे को मारते हैं.

गेमर्स का लक्ष्य अंत तक खुद को जीवित रखना होता है, जो अंत तक जीवित रहते हैं, वो ही मैच के विजेता बनते हैं.

Battlegrounds Mobile India (BGMI)

भारत में पबजी के बैन होने के बाद क्राफ्टन ने पबजी का एक भारतीय वेरिएंट यानी बैटलग्राउंड्स मोबाइल इंडिया लॉन्च किया था, जिसमें शॉर्ट में बीजीएमआई भी कहते हैं. यह भी भारत के एक प्रमुख बैटल रॉयल गेम्स में से एक है.

इसमें खिलाड़ी विभिन्न मोड्स में युद्ध करते हैं, और अलग-अलग मैप में विविध मानचित्रों पर अपनी रणनीति का परीक्षण करते हैं.

Call of Duty: Mobile (COD Mobile)

इस लिस्ट में एक नाम सीओडी मोबाइल का भी है. यह भी शानदार ग्राफिक्स वाला बैटल रॉयल गेम है, लेकिन यह फ्री फायर मैक्स और बीजीएमआई की तरह किसी भी सस्ते डिवाइस में आसानी से नहीं चलता है.

इस गेम को बिना लैगिंग और एडवांस ग्राफिक्स के साथ अच्छे से खेलने के लिए गेमर्स को एक अच्छे करीब 15,000 रुपये से ऊपर के रेंज वाले स्मार्टफोन की जरूरत पड़ती है. इस गेम में कई प्रकार के मल्टीप्लेयर मोड्स होते हैं. इसमें गेमर्स विश्व-प्रसिद्ध Black Ops और Modern Warfare सीरीज़ के मैप पर लड़ाई करते हैं. 

Apex Legends

दुनिया और भारत के सबसे अच्छे बैटल रॉयल गेम्स की लिस्ट में एक नाम एपेक्स लेजेंड्स का भी है. एपेक्स लेजेंड्स मोबाइल एक तेज तर्रार बैटल रॉयल गेम है, जिसमें खिलाड़ी एडवांस क्षमताओं वाले कैरेक्टर्स को चुनकर उनके साथ गेम खेलते हैं और दुश्मनों को मारते हुए खुद को अंतिम तक जीवित रखने का प्रयास करते हैं, ताकि वो गेम को जी सकें.

5G Smartphones Offer: 500 रुपये से भी कम में खरीद सकते हैं ये 5G फोन, यहां मिल रहा जबरदस्त ऑफर

सस्ते मोबाइल फोन खरीदने वालों के लिए अच्छे दिन आ गए हैं. अमेजन से अब आप सिर्फ 500 रुपये से भी कम के दाम में स्मार्टफोन को अपने घर ले जा सकते हैं. लेकिन उस स्मार्टफोन की कीमत 10 हजार से कम होनी चाहिए.

अमेजन स्मार्टफोन सेल में Samsung, Poco और Redmi जैसे बड़े ब्रांड के फोन शामिल हैं. जिनमें 8GB तक RAM और कई सारे शानदार फीचर्स भी मिलेंगे. अगर आप भी कम दाम पर  स्मार्टफोन लेना चाह रहे हैं. तो जल्दी से अमेजन पर जाकर अपनी पसंद का स्मार्टफोन बुक करें.  

इन स्मार्टफोन्स पर मिल रहे हैं शानदार ऑफर 256GB इंटरनल स्टोरेज के साथ मिल रहा Poco M6 5G

पोको ने कम समय में भारतीय बाजार में अपनी पकड़ बनाई है. यूजर्स को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए सस्ते दामों पर स्मार्टफोन उतारे हैं. जिसमें Poco M6 5G शानदार फीचर्स के साथ अमेजन पर मिल रहा है.

फीचर्स की बात करें तो इसमें 6.74 इंच का 90Hz रिफ्रेश रेट वाले के डिस्प्ले के साथ 50MP AI डुअल रियर कैमरा का सेटअप भी दिया गया है. 5000mAh की बैटरी के साथ. इसकी कीमत 8,999 रुपये पर मिल रहा है. इसके अलावा आप इस स्मार्टफोन को 436 रुपये की मासिक किस्त पर अमेजन से खरीद सकते हैं.

6000mAh की बैटरी के साथ मिल रहा है Galaxy M14 5G

देश में एक बहुत बढ़ा वर्ग सैमसंग मोबाइल के पीछे पागल है. इसके पीछे की वजह सैमसंग के द्वारा कम दाम में दिए जा रहे शानदार फीचर्स हैं. ऐसे ही कम दाम में Galaxy M14 5G मिल रहा है. Snapdragon 2 Gen प्रोसेसर के साथ इसमें 6000mAh की तगड़ी बैटरी भी मिल रही है.

इसके अलावा 6GB तक RAM और 128GB तक इंटरनल स्टोरेज भी दिया गया है. अमेजन पर इसकी कीमत 9,790 रुपये से शुरू है. इसके साथ ही आप इसको  475 रुपये की मासिक किस्त पर घर ले जा सकते हैं. 

सिर्फ 509 रुपये में घर ले जाइए Redmi 13C 5G

रेडमी के स्मार्टफोन कम दाम में अच्छे फीचर्स देने के लिए मशहूर हैं. इसी सूची में उनका Redmi 13C 5G भी शामिल है. इसमें पावरफुल MediaTek Dimensity 6100+ 5G SoC दिया गया है. इसके अलावा इसमें 6.74 इंच का HD+ डिस्प्ले दिया गया है.

फोन में 50MP AI डुअल रियर कैमरा सेटअप के साथ 5000mAh की तगड़ी बैटरी बैकअप मिल रही है. Redmi के इस स्मार्टफोन को आप अमेजन से 10,499 रुपये में खरीद सकते हैं. या फिर 509 रुपये की मासिक किस्त पर स्मार्टफोन को अपना बना सकते हैं.

नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई के शौहर क्या करते हैं? दोनों क्यों आ गए चर्चा में

नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई इन दिनों फिर से चर्चा में हैं. रविवार को वह अपने शौहर असर मलिक के साथ न्यूयॉर्क के नासाउ काउंटी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में मैच देखने गईं थीं.

नोबेल पुरस्कार विजेता और उनके शौहर मौजूदा आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2024 में चिर प्रतिद्वंद्वी भारत के खिलाफ पाकिस्तान का समर्थन करने आए थे.इसके बाद से लोग उनके पति के बारे में जानकारी इकट्ठा करने लगे.

मलाला ने नवंबर 2021 में मलिक से निकाह की है और खुद ही इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर अपने निकाह के बारे में बताया था. उन्होंने बताया था, “हमने अपने परिवारों के साथ बर्मिंघम में घर पर एक छोटा सा निकाह समारोह मनाया.”

असर मलिक के लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक वह मुल्तान सुल्तान के फ्रैचाइजी डेवलपमेंट में डाइरेक्टर हैं. मुल्तान सुल्तान पाकिस्तान का प्रोफेशनल ट्वंटी-20 क्रिकेट टीम है. यह पाकिस्तान सुपर लीग में हिस्सा लेती है.

2017 में इसे बनाया गया था. मुल्तान सुल्तान से पहले असर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के जनरल मैनेजर रहे हैं. वह 2018 से क्रिकेट से जुडे़. इससे पहले वह अलग-अलग तरह के काम कर रहे थे. उनका प्रोफेशनल करियर 2011 से शुरू हुआ था.

PHOTOS: G7 समिट में सुनक-मैक्रों से मिले PM मोदी, यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की को लगाया गले

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) अपने तीसरे कार्यकाल के पहले विदेश दौरे पर इटली गए हैं. पीएम मोदी G7 समिट 2024 (G7 Summit 2024) में शिरकत करने इटली पहुंचे हैं. 13 से 15 जून के बीच पुलिया में यह समिट हो रहा है.

भारतीय समय के मुताबिक, पीएम गुरुवार देर रात 3:30 बजे अपुलिया के ब्रिंडसी एयरपोर्ट पहुंचे. वहां उनका शानदार स्वागत हुआ. इस दौरान पीएम मोदी की फ्रांस, यूक्रेन और ब्रिटेन के राष्ट्राध्यक्षों से मुलाकात हुई.

इटली पहुंचने के कुछ देर बाद पीएम मोदी की फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय मुलाकात हुई. इसके बाद पीएम मोदी और ब्रिटेन के पीएम ऋषि सुनक की मीटिंग हुई.

भारतीय समयानुसार शाम करीब 4:00 बजे यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडोमिर जेलेंस्की और प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात हुई. इस दौरान मोदी ने जेलेंस्की को गले लगाया.

मेलोनी-बाइडेन से भी होनी है मुलाकात
इसके बाद PM मोदी इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन समेत बाकी राष्ट्राध्यक्षों से मुलाकात करेंगे. 

दुनिया के सबसे अमीर देशों का ग्रुप है G7
G7 का गठन 1975 में हुआ था. ये संगठन दुनिया के सबसे अमीर देशों का ग्रुप हैं, जिनका ग्लोबल ट्रेड और इंटरनेशनल फाइनेंशियल सिस्टम पर दबदबा है. अमेरिका, जापान, जर्मनी, ब्रिटेन, फ्रांस, इटली और कनाडा इसके सदस्य हैं. हर साल इस ग्रुप की समिट अलग-अलग देशों में होती है. 2023 का G7 समिट जापान में हुआ था.

शांति का मार्ग ‘संवाद और कूटनीति’ से होकर गुजरता है : PM मोदी ने जेलेंस्की से कहा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात के दौरान कहा कि भारत ‘‘मानव-केंद्रित” दृष्टिकोण में विश्वास करता है और शांति का मार्ग ‘संवाद और कूटनीति’ से होकर गुजरता है. पीएम मोदी ने इटली के अपुलिया क्षेत्र में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान जेलेंस्की से मुलाकात की.

PM मोदी ने जेलेंस्की के साथ बैठक को ‘‘बहुत उपयोगी” बताया और कहा कि भारत, यूक्रेन के साथ द्विपक्षीय संबंधों को ‘‘और मजबूत” करने के लिए उत्सुक है.

उन्होंने कहा, ‘‘(रूस के साथ) जारी संघर्ष के बारे में, (मैंने) यह दोहराया कि भारत मानव-केंद्रित दृष्टिकोण में विश्वास करता है और यह मानता है कि शांति का मार्ग बातचीत और कूटनीति से होकर गुजरता है.’

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और यूक्रेन की स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान किया. उन्होंने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘भारत-यूक्रेन साझेदारी को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इटली के अपुलिया में 50वें जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से मुलाकात की.”

उन्होंने कहा, ‘‘दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और यूक्रेन की स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान किया. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत बातचीत और कूटनीति के माध्यम से संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान को प्रोत्साहित करना जारी रखेगा.”

विदेश मंत्री एस. जयशंकर और विदेश सचिव विनय क्वात्रा वार्ता के दौरान मोदी के प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे. ऐसी जानकारी है कि जेलेंस्की ने मोदी को (रूस के साथ यूक्रेन के) संघर्ष के विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी दी.

मोदी ने पिछले साल मई में हिरोशिमा में पिछले जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान भी जेलेंस्की से मुलाकात की थी.

इटली के इस रिजॉर्ट में ठहरे हैं जी-7 देशों के नेता, क्या है खासियत और कितना किराया? देखें अंदर की तस्वीरें

इटली में जी-7 देशों की मीटिंग हो रही है. दुनिया के 7 सबसे ताकतवर देशों के नेता और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए यहां पहुंचे हैं. सभी देश अपने यहां आने वाले मेहमानों के स्वागत के लिए खास तरह की तैयारी करते हैं.

इटली तो वैसे भी अपनी खूबसूरती के लिए प्रसिद्ध है तो जाहिर सी बात है उसने व्यवस्था भी खास की है.  जी-7 देशों के नेताओं को इटली के सबसे खूबसूरत शहरों में से एक अपुलिया में ठहराया गया है.

ये शहर इटली के दक्षिण में पड़ता है. इन सभी नेताओं को समुद्र तट के नजदीक 192 कमरों वाले बोर्गो एग्नाजिया रिजॉर्ट में ठहराया गया है. रिजॉर्ट की वेबसाइट के अनुसार, यहां ऑफर के बाद एक कमरे का किराया एक इंसान के लिए 2300 यूरो है. अगर रुपये में इसे बताएं तो करीब 2 लाख 9 हजार रुपये है. 

रिजॉर्ट की वेबसाइट के अनुसार 1996 में मारिसा मेलपिग्नानो ने इसे शुरू किया था. हालांकि, 2010 में बोर्गो एग्नाजिया का असली सफर शुरू हुआ. यहां मैडोना और बेकहम भी रुक चुके हैं.

इस रिजॉर्ट में बेहद खूबसूरत निजी उद्यान, किड्स क्लब, गोल्फ, बार, रेस्त्रां, स्पा और स्विमिंग पूल आदि कई मनोरंजक साधन हैं. इटालियन भाषा में बोर्गो का मतलब गांव होता है और होटल को पारंपरिक पुगलियन गांव की याद दिलाने के लिए डिजाइन किया गया है. सभी इमारतों के अंदर, स्थानीय शिल्प कौशल का प्रदर्शन किया गया है.

पीएम मोदी इतालवी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के निमंत्रण पर 50वें जी7 शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे हैं. मेलोनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जी 7 में स्वागत किया. पीएम मोदी G7 आउटरीच समिट में हिस्सा लेने के लिए गुरुवार देर रात इटली के अपुलिया पहुंचे.

जी7 शिखर सम्मेलन से इतर पीएम मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन, यूनाइटेड किंगडम के प्रधान मंत्री ऋषि सुनक और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से मुलाकात की. 

फ्रांस के राष्ट्रपति से मिलने के बाद पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर लिखा, “मेरे मित्र राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों के साथ बैठक शानदार रही. एक साल में यह हमारी चौथी बैठक है, जो इस बात का संकेत है कि हम मजबूत भारत-फ्रांस संबंधों को कितनी प्राथमिकता देते हैं

.” उन्होंने लिखा, “हमारे बीच रक्षा, सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, एआई, ब्लू इकोनॉमी और अन्य कई विषयों पर चर्चा हुई. हमने इस बात पर भी चर्चा की कि युवाओं के बीच नवाचार व अनुसंधान को कैसे प्रोत्साहित किया जाए.”

सिक्किम के मुख्यमंत्री की पत्नी ने शपथ लेने के एक दिन बाद विधायक पद से क्यों दे दिया इस्तीफा?

कृष्णा कुमारी राय ने पद की शपथ लेने के ठीक एक दिन बाद नामची सिंघीथांग विधानसभा सीट का विधायक पद छोड़ दिया है. कृष्णा कुमारी मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग की पत्नी हैं. कृष्णा कुमारी की पार्टी सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (एसकेएम) ने हाल के चुनावों में 32 में से 31 विधानसभा सीटों के साथ-साथ राज्य की एकमात्र लोकसभा सीट पर भी जीत हासिल की है. कृष्णा कुमारी ने पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा था. उन्होंने 5,302 मतों के अंतर से जीत हासिल की थी. उन्हें मतदान में 71.6 प्रतिशत वोट मिले थे और वह मुख्यमंत्री तमांग के बाद दूसरे स्थान पर रहीं, जिन्हें सोरेंग-चाकुंग में 72.18 प्रतिशत वोट मिले थे.

यह कारण बताया

बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री की पत्नी ने अपने मतदाताओं को एक पत्र लिखकर बताया कि उन्होंने इस्तीफा क्यों दिया. संक्षेप में, उन्होंने कहा कि उन्होंने इसलिए चुनाव लड़ा क्योंकि वह पार्टी के फैसले का सम्मान कर रही थीं. उन्होंने लिखा, “बहुत भारी मन से, मैं आपको यह सूचित करने के लिए लिख रहा हूं कि मैंने आधिकारिक तौर पर अपना इस्तीफा सौंप दिया है… मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं इतनी जल्दी चुनावी राजनीति में प्रवेश करूंगी… मैंने हमेशा राजनीति को एक सामाजिक गतिविधि के रूप में देखा है, और यही कारण है मैंने चुनाव में प्रवेश इसलिए किया क्योंकि मुझे संसदीय बोर्ड और पार्टी अध्यक्ष द्वारा लिए गए निर्णयों का सम्मान करना था.”

पति के बारे में यह कहा

कृष्णा कुमारी ने लिखा “मेरा हमेशा से यह दृढ़ विश्वास रहा है कि लोगों की सेवा करने के लिए मुझे किसी पद पर रहने की आवश्यकता नहीं है. मैं अपनी क्षमता से मदद करती रही हूं और करती रहूंगी. माननीय मुख्यमंत्री और मैं आश्वस्त करता हूं कि नए नामची सिंगिथांग निर्वाचन क्षेत्र के लिए उम्मीदवार एक प्रतिबद्ध और समर्पित व्यक्ति होगा, जो नामची सिंगिथांग के लोगों की सेवा करेगा.” मुख्यमंत्री की पत्नी ने अपने पति की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्हें विश्वास है कि तमांग के नेतृत्व में सिक्किम प्रगति और विकास के पथ पर आगे बढ़ेगा.

सीएम ने भी बताई वजह

एसकेएम से ही नवनिर्वाचित स्पीकर मिंगमा नोरबू शेरपा ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. मुख्यमंत्री तमांग ने कहा कि कृष्णा कुमारी का इस्तीफा “पार्टी के सर्वसम्मत निर्णय के अनुरूप” था और उन्होंने अपने “कल्याण के कार्यों और उद्देश्यों” को प्राथमिकता दी है. एसकेएम प्रमुख ने यह भी कहा कि उनकी पत्नी ने पार्टी की “संसदीय समिति के अनुरोध पर” चुनाव लड़ा था. नामची सिंघीथांग के निवासियों को आश्वासन देते हुए, उन्होंने कहा कि वह यह सुनिश्चित करेंगे कि निर्वाचन क्षेत्र को “तीन प्रतिनिधियों की देखभाल और ध्यान से लाभ मिले: नए उम्मीदवार, मैडम कृष्णा राय और मैं.”

दोगुना हो गया लू का सितमः 10 दिन से इतनी गर्म क्यों हवा? अगले 5 दिन और तपेगी दिल्ली

दिल्ली-एनसीआर समेत लगभग पूरे उत्तर भारत में भीषण गर्मी पड़ रही है. ऊपर से लू के गर्म थपेड़ों ने आदमी की हालत और खराब कर दी है. दिल्ली समेत उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्से और बिहार बृहस्पतिवार को भीषण लू की चपेट में रहे. कई स्थानों पर अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस को भी पार कर गया. देश में बृहस्पतिवार को सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान बिहार के बक्सर में 47.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 8.9 डिग्री अधिक था. इस गर्मी में, भारत ने संभवतः सबसे लंबे समय ज्यादा तक पहले के मुकाबले अधिक गर्म दिनों का सामना किया है.

ओडिशा में चली सबसे ज्यादा दिनों तक लू

आईएमडी के अनुसार, एक मार्च से नौ जून के बीच ओडिशा में 27 दिन लू चली, जो देश में सबसे अधिक है. इसके बाद पश्चिम राजस्थान (23) तक लू चली. फिर पश्चिम बंगाल (21), हरियाणा-दिल्ली-पश्चिम उत्तर प्रदेश (20), पश्चिम मध्य प्रदेश (19), गुजरात और पूर्वी राजस्थान (17-17) का स्थान है. इतने दिनों तक लू का चलना कोई सामान्य बात नहीं है. अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक इन क्षेत्रों में इतने दिनों तक आम तौर पर सालाना होने वाली संख्या से दोगुनी से भी ज़्यादा थीं.

कई और दिनों तक झेलनी होगी लू के गर्म थपेड़ों की मार

आईएमडी ने कहा कि भारत के उत्तरी भागों में “गंभीर लू की स्थिति” अगले 4-5 दिनों तक जारी रहने की संभावना है. 1 मार्च से 9 जून के लिए आईएमडी ने जो डेटा साझा किया. उससे पता चलता है कि देश के 36 मेट्रोलॉजिकल सबडिवीजन में से 14 में 15 से अधिक लू वाले दिन दर्ज किए गए हैं. जिनमें पूर्वी और उत्तरी भारत सबसे ज़्यादा प्रभावित हैं. यहां तक ​​कि हिमाचल प्रदेश ठंडे ऊंचाई वाले इलाकों में भी 12 दिन तक लू चली, इसके बाद सिक्किम (11), जम्मू और कश्मीर (6) और उत्तराखंड (2) का स्थान रहा.

हिमाचल प्रदेश जैसे ठंडे ऊंचाई वाले इलाकों में भी 12 दिन तक लू चली, इसके बाद सिक्किम (11), जम्मू और कश्मीर (6) और उत्तराखंड (2) का स्थान रहा.

कब घोषित की जाती है लू की स्थिति

लू की स्थिति तब घोषित की जाती है जब किसी जगह का अधिकतम तापमान मैदानी इलाकों में कम से कम 40 डिग्री सेल्सियस और पहाड़ी क्षेत्रों में कम से कम 30 डिग्री सेल्सियस हो और यह सामान्य तापमान से 4.5 से 6.4 डिग्री सेल्सियस अधिक हो. यदि यह सामान्य से 6.5 डिग्री या अधिक है, तो गंभीर हीटवेव घोषित की जाती है. अगर पारा 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है तो गंभीर हीटवेव घोषित की जाती है. तटीय इलाकों में, लू तब घोषित की जाती है जब अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक हो और प्रस्थान सामान्य से 4.5 डिग्री या उससे अधिक हो.

दिल्ली वालों पर अभी और पड़ेगी लू की मार

गुरुवार को लगातार पांचवें दिन भी दिल्ली में लू का प्रकोप जारी रहा. लू का ये प्रकोप अगले पांच दिनों तक जारी रहने की संभावना है. इस दौरान अधिकतम तापमान 44-45 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा. हालांकि, शुक्रवार दोपहर या शाम को एक-दो स्थानों पर आंधी चलने और बिजली गिरने के साथ बूंदाबांदी की भी संभावना है. गुरुवार को पूसा 47.2 डिग्री सेल्सियस के साथ दिल्ली का सबसे गर्म जगह रही.

Delhi: सुप्रीम कोर्ट से फटकार के बाद दिल्ली सरकार ने कहा- टैंकर माफिया यमुना के हरियाणा वाले हिस्से में सक्रिय

दिल्ली सरकार ने दावा किया है कि टैंकर माफिया यमुना नदी के हरियाणा वाले हिस्से में सक्रिय हैं। इस पर दिल्ली जल बोर्ड का कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है। दिल्ली सरकार ने ये बात राष्ट्रीय राजधानी में टैंकर माफिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद कही।

सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में दिल्ली सरकार ने कहा कि उन क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति के लिए टैंकरों की जरूरत है जो जलापूर्ति लाइनों से जुड़े नहीं हैं या जहां आपूर्ति अपर्याप्त है। इसमें कहा गया है कि दिल्ली जल बोर्ड और निजी टैंकरों की ओर से शहर में प्रतिदिन करीब 50-60 लाख गैलन पानी की आपूर्ति की जाती है, जो कुल आपूर्ति का केवल 0.5 फीसदी है। दिल्ली जब बोर्ड पानी के टैंकरों की उपलब्धता में सुधार करने का प्रयास कर रहा है ताकि निजी टैंकरों की जगह सार्वजनिक टैंकरों का उपयोग किया जा सके। 

इस संदर्भ में प्रदेश सरकार की ओर से उपराज्यपाल (जो वर्तमान में कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए प्रभारी हैं) को कई पत्र लिखे गए हैं। पानी की बर्बादी रोकने के लिए दिल्ली सरकार के उठाए गए कदमों पर जिक्र करते हुए, हलफनामे में कहा गया है कि इससे हरियाणा से दिल्ली तक पानी के ट्रांसमिशन में होने वाले नुकसान को 30 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है।

इससे पहले यमुना और रावी, ब्यास स्रोतों से पानी नदी के मार्ग और बिना लाइन वाली दिल्ली उप शाखा (डीएसबी) के माध्यम से वजीराबाद और हैदरपुर में दिल्ली में आता था, जिसके परिणामस्वरूप बिना लाइन वाली नहर में 30 प्रतिशत की हानि होती थी। दिल्ली जल बोर्ड ने कैरीड लाइन्ड चैनल (सीएलसी) के निर्माण पर लगभग 500 करोड़ रुपये खर्च किए और नदी मार्ग में नुकसान 30 प्रतिशत से घटकर 5 प्रतिशत हो गया। 

सरकार ने कहा कि दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्रों में पानी की टंकियों के ओवरफ्लो होने, निर्माण स्थलों पर पानी के उपयोग, अवैध कनेक्शन आदि के माध्यम से पेयजल की बर्बादी/दुरुपयोग की जांच करने के लिए दैनिक निरीक्षण करें और आवश्यक दंडात्मक कार्रवाई करें।